प्रीतम सुमन ब्यूरो रिपोर्ट, बांका बिहार
ईपीएफ भुगतान की मांग पर अमरपुर के सफाई कर्मियों की हड़ताल, शहर में लगा कूड़े का अंबार
बांका जिले के अमरपुर नगर पंचायत में कार्यरत सफाई मजदूरों ने बकाया ईपीएफ राशि और लंबित वेतन के भुगतान की मांग को लेकर शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के पहले दिन सफाई कर्मियों ने शहर के कचहरी परिसर में एकजुट होकर नगर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। हड़ताल के कारण नगर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई, जिससे कई स्थानों पर कूड़े का अंबार लग गया और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन का नेतृत्व अमरपुर नगर पंचायत सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अनिल दास ने किया। इस दौरान सफाई कर्मी शंभु कुमार, धनंजय कुमार, प्रमोद कुमार, आकाश कुमार, डोमी मेहतर, दिनेश डोम, नगीना देवी, बबीता देवी, सुषमा देवी, अंजनी देवी सहित बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद रहे। सफाई कर्मियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से वे अपनी जान जोखिम में डालकर शहर की सफाई करते आ रहे हैं, लेकिन विभिन्न संवेदकों द्वारा उनका लगातार आर्थिक शोषण किया गया है।
मजदूरों का कहना है कि पूर्व में सफाई कार्य का जिम्मा शिवम जन स्वास्थ्य एवं सर्वांगीक विकास केंद्र को दिया गया था। उस दौरान एजेंसी और तत्कालीन मुंशी रामचंद्र शर्मा की मिलीभगत से करीब 87 लाख 95 हजार रुपये की ईपीएफ राशि का घोटाला हुआ, जिसका भुगतान आज तक नहीं किया गया। इसके बाद सफाई व्यवस्था सोशल इंस्टीट्यूट फोर विकल सेक्शन को सौंपी गई, जिसके कार्यकाल के दौरान भी तीन माह की ईपीएफ राशि और एक माह का वेतन बकाया रह गया।
सफाई कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया कि वर्तमान में सफाई कार्य का जिम्मा हरीओम एजेंसी को दिया गया है, जिसमें पूर्व मुंशी रामचंद्र शर्मा की दोबारा बहाली कर दी गई है। मजदूरों ने उनकी बहाली रद्द करने, बकाया ईपीएफ एवं वेतन का अविलंब भुगतान करने की मांग की है।
संघ अध्यक्ष अनिल दास ने स्पष्ट कहा कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। वहीं, हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है और वार्डवासियों में बढ़ती गंदगी को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
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