कुणाल शेखर ब्यूरो रिपोर्ट, भागलपुर बिहार
25 वर्षों से सेवा की मिसाल बना ‘मद्रास कांवड़ संघ’, 105 किमी पैदल चलकर कर रहा शिवभक्तों की निस्वार्थ सेवा
श्रावणी मेला 2026 में आस्था, सेवा और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ गंगा धाम से देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक जाने वाले कांवरिया पथ पर लाखों श्रद्धालु "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष के साथ आगे बढ़ रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन, राज्य सरकार, पर्यटन विभाग और अन्य विभागों द्वारा व्यापक व्यवस्था की गई है। वहीं कई स्वयंसेवी कांवड़ संघ भी यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा में जुटे हैं।
इन्हीं में "मद्रास कांवड़ संघ" पिछले 25 वर्षों से अपनी अनूठी सेवा के लिए विशेष पहचान बनाए हुए है। संघ के लगभग 100 महिला एवं पुरुष सदस्य मद्रास, कर्नाटक, बेंगलुरु, राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से हर वर्ष श्रावणी मेले में पहुंचते हैं। यह दल स्वयं 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करता है और पूरे मार्ग में शिवभक्तों को निशुल्क जल, शरबत, शिकंजी, फल एवं भोजन उपलब्ध कराते हुए आगे बढ़ता है। उनकी यह यात्रा आठ दिनों में पूरी होती है।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल बाबा भोलेनाथ की भक्ति ही नहीं, बल्कि बाबा धाम जाने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की निस्वार्थ सेवा करना है। उनका मानना है कि कांवड़ियों की सेवा ही सच्ची शिव आराधना है। यही भावना उन्हें हर वर्ष इस कठिन यात्रा के लिए प्रेरित करती है।
संघ के सदस्यों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार द्वारा कांवरिया पथ पर की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस वर्ष सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, विश्राम शिविर और साफ-सफाई की व्यवस्था पहले से बेहतर है।
वहीं कर्नाटक से आए एक कन्नड़भाषी श्रद्धालु ने अपनी भाषा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश को उनके जैसे नेतृत्व की आवश्यकता है और विकास के लिए उन्हें आगे भी कार्य करने का अवसर मिलना चाहिए। सेवा और भक्ति का संदेश देते हुए मद्रास कांवड़ संघ का यह जत्था शिवभक्तों की सहायता करते हुए उत्साह के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर निरंतर बढ़ रहा है।
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