सुबोध सिंह क्राइम रिपोर्टर, बांका, बिहार
NQAS गुणवत्ता प्रमाणन में शंभूगंज ने रचा इतिहास ,87.01 प्रतिशत अंक के साथ बिहार में प्रथम स्थान, NHSRC ने जारी किया क्वालिटी सर्टिफिकेट
बांका के लिए गौरव का क्षण, आयुष्मान आरोग्य मंदिर शंभूगंज को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन
बांका जिले के लिए गर्व की बात है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM-PHC), शंभूगंज ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) मूल्यांकन में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे बिहार में पहला स्थान हासिल किया है। नेशनल हेल्थ सिस्टम्स रिसोर्स सेंटर (NHSRC), नई दिल्ली द्वारा 22 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार शंभूगंज स्वास्थ्य केंद्र को 87.01 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। सभी निर्धारित मानकों पर खरा उतरने के बाद केंद्र को "क्वालिटी सर्टिफाइड" घोषित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल शंभूगंज, बल्कि पूरे बांका जिले के लिए गौरव का विषय बन गई है।
एनएचएसआरसी द्वारा जारी पत्र के अनुसार बिहार के तीन सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का राष्ट्रीय स्तर पर बाह्य मूल्यांकन किया गया था। इनमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर, शंभूगंज (बांका) ने 87.01 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य में पहला स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर, ढोली (मुरौल), मुजफ्फरपुर रहा, जिसे 86.54 प्रतिशत अंक मिले। वहीं आयुष्मान आरोग्य मंदिर, नदावां (बक्सर) को 84.28 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए।
तीनों स्वास्थ्य संस्थानों ने सभी गुणवत्ता मानकों को पूरा करते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त किया। गौरतलब है कि शंभूगंज स्वास्थ्य केंद्र का मूल्यांकन 10 एवं 11 जुलाई 2026 को एनक्यूएएस की विशेषज्ञ टीम द्वारा किया गया था। इस दौरान अस्पताल के ओपीडी, आईपीडी, प्रसव कक्ष, प्रयोगशाला, दवा उपलब्धता, संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता, रिकॉर्ड संधारण, मरीजों की सुविधाएं तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन का गहन निरीक्षण किया गया। अस्पताल ने सभी छह विभागों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सभी निर्धारित मानकों को पूरा किया।
एनएचएसआरसी ने अपने पत्र में राज्य स्वास्थ्य समिति को प्रमाणित स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता बनाए रखने, सुधार संबंधी सुझावों पर कार्य करने तथा समय-समय पर निगरानी ऑडिट कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया है।
शंभूगंज की इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय अस्पताल के चिकित्सकों, स्वास्थ्य प्रबंधक, एएनएम, जीएनएम, आशा कार्यकर्ताओं एवं सभी स्वास्थ्यकर्मियों की टीम भावना और समर्पित कार्यशैली को दिया जा रहा है। इस सफलता से पूरे बांका जिले में खुशी की लहर है। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी तथा मरीजों का सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।
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