सुबोध सिंह क्राइम रिपोर्टर ,बांका ,बिहार
सड़क या तालाब? बारिश में डूब जाता है शंभूगंज बाजार, छात्राओं की पढ़ाई पर भी पड़ रहा असर
शंभूगंज बाजार की जर्जर सड़कें और जलनिकासी व्यवस्था का अभाव बरसात के मौसम में आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। हल्की बारिश के बाद ही बाजार की मुख्य सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं। सड़क पर बारिश के पानी के साथ-साथ घरों से निकलने वाला नल का पानी भी जमा हो जाता है, जिससे लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक न तो जनप्रतिनिधियों ने कोई ठोस पहल की और न ही प्रशासन ने स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाया।
बाजार में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी घंटों नहीं, बल्कि कई बार कई दिनों तक सड़क पर जमा रहता है। सड़क पर बने गड्ढे पानी से भर जाने के कारण वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है। दोपहिया वाहन चालक फिसलने के डर से धीमी गति से वाहन चलाने को मजबूर हैं, जबकि पैदल चलने वाले लोगों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है।
इसका सबसे अधिक असर स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं पर पड़ रहा है। जलजमाव के कारण उन्हें यूनिफॉर्म उठाकर या गंदे पानी में चलकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है। कई छात्राओं के जूते-मोजे और किताबें तक भीग जाती हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। अभिभावकों का कहना है कि बरसात के दिनों में बच्चों को स्कूल भेजना किसी जोखिम से कम नहीं है। कई बार फिसलकर गिरने की घटनाएं भी हो चुकी हैं, जिससे छात्राओं और छोटे बच्चों में डर का माहौल बना रहता है।
जलजमाव की समस्या से बाजार के दुकानदार भी परेशान हैं। बारिश के दौरान सड़क का पानी कई दुकानों और घरों में घुस जाता है, जिससे सामान खराब होने के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने से व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। शंभूगंज बाजार निवासी एवं भाजपा नेता विनय मोदी ने बताया कि बाजार में जलजमाव की समस्या लगातार विकराल होती जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो गंदे पानी के कारण डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शंभूगंज बाजार की जर्जर सड़कों की तत्काल मरम्मत, पक्की नालियों का निर्माण तथा जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आम जनता, छात्र-छात्राओं और व्यापारियों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
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