सुबोध सिंह क्राइम रिपोर्टर ,बांका बिहार
वर्षों का इंतजार अब खत्म होने की उम्मीद: अपने राजस्व गांव विरनौधा लौट सकता है उच्च माध्यमिक विद्यालय जमीन उपलब्ध कराने की कवायद तेज
बांका जिले के शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र के कैथा गांव में वर्षों से संचालित उच्च माध्यमिक विद्यालय विरनौधा को अब उसके वास्तविक राजस्व गांव विरनौधा में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। लंबे समय से चल रही ग्रामीणों की मांग, शिक्षा विभाग को लगातार भेजे गए आवेदन, अधिकारियों से पत्राचार और अंततः पटना उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद विद्यालय को उसके मूल स्थान पर संचालित करने की दिशा में प्रशासनिक पहल शुरू हो गई है। हालांकि, विद्यालय के स्थानांतरण में अभी भी पर्याप्त भूमि की उपलब्धता सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, उच्च माध्यमिक विद्यालय विरनौधा का नाम राजस्व गांव विरनौधा के नाम पर है, लेकिन यह विद्यालय पिछले कई वर्षों से लगभग पांच किलोमीटर दूर कैथा गांव स्थित मध्य विद्यालय परिसर में संचालित हो रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, विरनौधा गांव में विद्यालय संचालन के लिए निर्धारित मापदंड के अनुरूप भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण इसे अस्थायी रूप से कैथा गांव में स्थानांतरित कर दिया गया था। तब से छात्र-छात्राओं को अपने गांव से पांच किलोमीटर दूर जाकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
विद्यालय को उसके वास्तविक गांव में संचालित कराने की मांग को लेकर विरनौधा के ग्रामीण लगातार संघर्ष करते रहे। ग्रामीणों ने प्रखंड मुख्यालय, जिला शिक्षा कार्यालय और पटना स्थित शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कई बार आवेदन एवं ज्ञापन सौंपे, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के दौरान पटना उच्च न्यायालय ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि यदि राजस्व ग्राम विरनौधा में विद्यालय संचालन के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो जाए तो विद्यालय को उसके सही स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
न्यायालय के निर्देश के बाद ग्रामीणों ने आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए हैं। ग्रामीण कैलाश प्रसाद सिंह ने बताया कि विद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने की पहल की गई है और अंचल कार्यालय से जमीन का सीमांकन एवं चिन्हांकन कराने का अनुरोध भी किया गया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही निर्धारित मापदंड के अनुरूप भूमि उपलब्ध हो जाएगी, कैथा गांव में संचालित विद्यालय को विरनौधा स्थानांतरित करने का रास्ता साफ हो जाएगा।
वहीं, अंचल अधिकारी जुगनू रानी ने बताया कि राजस्व ग्राम विरनौधा में विद्यालय संचालन के लिए उपयुक्त भूमि की खोजबीन की जा रही है। भूमि उपलब्ध होने के बाद उसका सत्यापन कर रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी जाएगी, ताकि आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
इधर, शंभूगंज प्रखंड के प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी भूपेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि उच्च माध्यमिक विद्यालय के संचालन के लिए विभागीय मापदंड के अनुसार कम से कम 75 डिसमिल भूमि आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अब तक केवल 34 डिसमिल भूमि ही चिन्हित हो सकी है। ऐसे में जब तक शेष भूमि उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक विद्यालय को विरनौधा गांव में स्थानांतरित करना संभव नहीं होगा।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय अपने वास्तविक गांव में खुलने से आसपास के दर्जनों गांवों के छात्र-छात्राओं, विशेषकर छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में लंबी दूरी तय कर विद्यालय पहुंचने के कारण कई विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित होती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि जल्द भूमि संबंधी समस्या का समाधान हो जाए तो वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी और क्षेत्र में माध्यमिक शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन और शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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