सूरजकांत ब्यूरो रिपोर्ट ,पटना (बिहार)
चार वर्ष की सजा के साथ भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह की सदस्यता समाप्त होना तय
बिहार के साहिबगंज विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक राजू कुमार सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त होना लगभग तय हो गया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू न्यायालय ने शनिवार को उन्हें गैर-इरादतन हत्या और शस्त्र अधिनियम से जुड़े मामले में चार वर्ष की साधारण कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने मृतका के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
यह मामला 31 दिसंबर 2018 की रात का है। नए वर्ष के स्वागत के अवसर पर दिल्ली के वसंत कुंज क्षेत्र स्थित विधायक के फार्महाउस में आयोजित समारोह के दौरान कथित रूप से की गई हर्ष फायरिंग में महिला चिकित्सक अर्चना गुप्ता को गोली लग गई थी। गंभीर रूप से घायल चिकित्सक की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने राजू कुमार सिंह को गैर-इरादतन हत्या और शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराते हुए चार वर्ष की सजा सुनाई।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के अनुसार यदि किसी सांसद या विधायक को किसी आपराधिक मामले में दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त हो जाती है। इसी कानूनी प्रावधान के कारण राजू कुमार सिंह की विधानसभा सदस्यता भी समाप्त मानी जाएगी।
उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय के बाद अब दोषी जनप्रतिनिधियों को अपील करने के लिए कोई अतिरिक्त समय नहीं मिलता। सजा सुनाए जाने के साथ ही सदस्यता समाप्त होने का प्रावधान लागू हो जाता है।
कानूनी प्रावधानों के अनुसार राजू कुमार सिंह सजा पूरी करने के बाद भी अगले छह वर्षों तक कोई चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इस प्रकार चार वर्ष की सजा और उसके बाद छह वर्ष की अयोग्यता को मिलाकर वे लगभग दस वर्षों तक चुनावी राजनीति से दूर रह सकते हैं। यह फैसला बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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