सुबोध सिंह APP न्यूज़ क्राइम रिपोर्टर , बांका बिहार
बेलहर में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट पर सियासी घमासान, नेताओं की बयानबाजी से बढ़ा संशय
बांका जिले के बेलहर प्रखंड क्षेत्र में प्रस्तावित बिहार के पहले न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। विकास की इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर अब सियासत हावी होती नजर आ रही है। एक ओर बेलहर विधायक मनोज यादव ने राजग नेता चाणक्य प्रकाश के साथ-साथ उनके पिता एवं बांका के जदयू सांसद गिरीधारी यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है।
विधायक मनोज यादव का कहना है कि चाणक्य प्रकाश और उसके पिता सांसद गिरधारी यादव को बेलहर की विकास से कोई लेना-देना नहीं है, उन्हें सिर्फ जनता को वर्गलाने का काम कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बेलहर विधानसभा से राजद प्रत्याशी रह चुके चाणक्य प्रकाश ने भी विधायक मनोज यादव के आरोपों का जोरदार जवाब देते हुए उन पर सीधा पलटवार किया है।
दोनों नेताओं के बीच लगातार हो रही बयानबाजी से क्षेत्र का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। न्यूक्लियर पावर प्लांट जैसी महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर जनता के बीच भी असमंजस की स्थिति बन गई है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर इस परियोजना की वास्तविक स्थिति क्या है और इसका भविष्य किस दिशा में जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह मुद्दा बेलहर की राजनीति का केंद्र बन सकता है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों इस परियोजना को लेकर अपनी-अपनी उपलब्धियां और दावे जनता के सामने रख रहे हैं। वहीं आरोप-प्रत्यारोप के बीच विकास का मुद्दा पीछे छूटता दिखाई दे रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि न्यूक्लियर पावर प्लांट की स्थापना होती है तो इससे क्षेत्र में रोजगार, आधारभूत संरचना और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। इसलिए जनता चाहती है कि राजनीतिक दल आपसी विवाद से ऊपर उठकर परियोजना की वास्तविक प्रगति और समयसीमा को स्पष्ट करें।
फिलहाल बेलहर में न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर जारी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस बहुचर्चित परियोजना को लेकर किस पक्ष का दावा सही साबित होता है और सरकार इस संबंध में आगे क्या कदम उठाती है।
.png)





