सूरजकांत APP न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट, पटना बिहार
बिहार में शिक्षकों के तबादले की नई व्यवस्था लागू, हर पांच साल पर होगा ऑनलाइन स्थानांतरण
बिहार सरकार ने सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 'स्थानांतरण नियमावली-2026' की अधिसूचना जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब शिक्षकों का स्थानांतरण पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और अंक आधारित वरीयता प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे वर्षों से चली आ रही पैरवी, मनमानी और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर काफी हद तक अंकुश लगेगा।
नई नियमावली के अनुसार प्रत्येक शिक्षक का स्थानांतरण सामान्य परिस्थितियों में हर पांच वर्ष पर किया जाएगा। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाएगा, जहां शिक्षक अपनी पसंद के विद्यालयों का विकल्प भर सकेंगे। स्थानांतरण का निर्णय निर्धारित अंकों और वरीयता के आधार पर होगा। बीमार, दिव्यांग, गंभीर चिकित्सकीय परिस्थितियों से जूझ रहे शिक्षकों तथा महिला शिक्षकों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि उन्हें अधिक सुविधाजनक स्थान पर पदस्थापन मिल सके।
सरकार ने पुरुष शिक्षकों के लिए भी गृह जिला में पदस्थापना का प्रावधान रखा है, लेकिन उन्हें अपने गृह पंचायत या वार्ड में नियुक्ति नहीं दी जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर प्रभाव, पक्षपात और अनावश्यक दबाव की संभावनाओं को कम करना बताया गया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि डिजिटल प्रणाली लागू होने से स्थानांतरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और निष्पक्ष बनेगी। सभी आवेदन और उनकी स्थिति ऑनलाइन उपलब्ध रहने से शिक्षकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
हालांकि, इस नई व्यवस्था को लेकर शिक्षकों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया के साथ कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। कई शिक्षकों का कहना है कि यदि ऑनलाइन पोर्टल का संचालन पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हुआ तथा नियमों का सख्ती से पालन किया गया, तभी स्थानांतरण में होने वाली पैरवी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लग सकेगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नई डिजिटल व्यवस्था व्यवहार में कितनी सफल साबित होती है।
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