जानकारी के अनुसार, शंभूगंज के खपड़ा बस्ती निवासी अजय मंडल के पुत्र दया मंडल की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से आसाम निवासी प्रतिमा घोष से हुई थी। दोनों के बीच पहले बातचीत शुरू हुई, फिर दोस्ती और देखते ही देखते यह रिश्ता प्रेम में बदल गया। बताया जाता है कि दया मंडल कई बार आसाम जाकर प्रतिमा से मिला, जिससे दोनों के बीच नजदीकियां लगातार बढ़ती गईं।
लेकिन करीब एक माह बाद प्रतिमा फिर घर छोड़कर शंभूगंज पहुंच गई। इस बीच एक सप्ताह पूर्व उसके पति, मां प्रमिला देवी और भाई निकुंज शंभूगंज पहुंचे। परिजनों की शिकायत पर स्थानीय पुलिस के हस्तक्षेप के बाद 18 जून को महिला को दोबारा आसाम भेज दिया गया।
रविवार की शाम प्रतिमा तीसरी बार फिर प्रेमी के घर पहुंच गई। महिला का आरोप है कि आसाम में उसके साथ प्रताड़ना की जाती थी और उसने अपनी इच्छा से वहां से निकलने का फैसला किया। वहीं दया मंडल और प्रतिमा का कहना है कि वे अब किसी भी परिस्थिति में अलग नहीं होंगे और अंतिम सांस तक साथ रहेंगे।
इधर, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर खपड़ा बस्ती से लेकर शंभूगंज बाजार तक तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। चूंकि महिला पहले से विवाहित है और मामले में अपहरण का केस भी दर्ज है, इसलिए कानूनी पहलू भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं। स्थानीय पुलिस का कहना है कि यदि किसी पक्ष की ओर से आवेदन प्राप्त होता है या न्यायालय से कोई निर्देश मिलता है, तो कानून के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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