सुबोध सिंह APP न्यूज क्राइम रिपोर्टर, बांका बिहार
चेक डैम पर बालू माफियाओं का हमला, सुरक्षा तटबंध काटकर हो रहा अवैध खनन, किसानों में आक्रोश
शंभूगंज प्रखंड में जीवनदायिनी मानी जाने वाली लोहागढ़ और बदुआ नदी से अवैध बालू खनन का खेल लगातार जारी है। प्रशासनिक कार्रवाई के दावों के बावजूद बालू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे सरकारी संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचाने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला पकरिया पंचायत के विशनपुर गांव के समीप लोहागढ़ नदी पर बने चेक डैम से जुड़ा है, जहां सुरक्षा तटबंध को काटकर अवैध रूप से बालू निकासी किए जाने का आरोप लगा है।
ग्रामीणों के अनुसार करीब एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चेक डैम का उद्देश्य किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाना था, ताकि समय पर खेती-बाड़ी हो सके। लेकिन बालू तस्करों द्वारा नदी से लगातार बालू उत्खनन किए जाने के कारण नदी का तल गहरा होता जा रहा है। इससे खेतों तक पानी पहुंचने में कठिनाई हो रही है और किसानों को पंपिंग सेट के सहारे सिंचाई करनी पड़ रही है।
शुक्रवार को एक किसान के खेत से होकर ट्रैक्टर द्वारा बालू ढोए जाने का विरोध करने पर विवाद खड़ा हो गया। किसान चंदन चौधरी एवं अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध करने पर बालू तस्करों ने गाली-गलौज की और मारपीट पर उतारू हो गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और पत्थरबाजी की भी नौबत आ गई। स्थिति बिगड़ती देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद बालू तस्कर मौके से फरार हो गए।
किसानों का कहना है कि धान बिचड़ा बोआई का समय नजदीक है और वे खेतों की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में ट्रैक्टरों के आवागमन से खेतों को नुकसान पहुंच रहा है। वहीं सुरक्षा तटबंध क्षतिग्रस्त होने से बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते अवैध खनन पर रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में खेती पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।
किसानों ने जिला प्रशासन और डीएम से हस्तक्षेप कर अवैध बालू खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इस संबंध में थानाध्यक्ष राज कुमार प्रसाद ने बताया कि बालू खनन एवं तस्करी के खिलाफ लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है तथा कई ट्रैक्टरों पर कार्रवाई भी की गई है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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