सूरज कुमार APP न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट, पटना बिहार
सम्राट चौधरी के फैसलों से गरमाई बिहार की सियासत, अपने ही घर में उठे सवाल
बिहार की राजनीति इन दिनों एक बार फिर उबाल पर है। मुख्यमंत्री पद संभाले अभी सम्राट चौधरी को कुछ ही दिन हुए हैं, लेकिन इतने कम समय में उनके फैसलों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। खास बात यह है कि यह हलचल केवल विपक्ष तक सीमित नहीं रही, बल्कि सत्तारूढ़ दल के भीतर भी असंतोष के स्वर सुनाई देने लगे हैं।
हाल के दिनों में पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा से जुड़े दो अहम फैसलों ने इस राजनीतिक गर्माहट को और बढ़ा दिया है। इन फैसलों को लेकर जहां विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है, वहीं पार्टी के अंदर भी कई नेता असहज नजर आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता परिवर्तन के बाद नेतृत्व अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कुछ कड़े और चौंकाने वाले फैसले लेता है, लेकिन इनका असर संगठनात्मक संतुलन पर भी पड़ता है।
विपक्ष ने इन मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला तेज कर दिया है और इसे आंतरिक असंतुलन का संकेत बताया है। वहीं, पार्टी के भीतर भी यह चर्चा जोरों पर है कि क्या इन फैसलों से पुराने समीकरण प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अब तक इन आलोचनाओं पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इन चुनौतियों से कैसे निपटते हैं और क्या वे पार्टी के भीतर और बाहर दोनों स्तरों पर संतुलन बनाए रखने में सफल होते हैं या नहीं। फिलहाल, सियासी तापमान लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।
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