समरेस सिंह APP न्यूज रिपोर्टर, शंभूगंज, बांका
दहेज प्रथा पर साध्वी का प्रहार, गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की उठी मांग
शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र के कुर्माडीह गांव में आयोजित वैष्णो माता पूजन उत्सव एवं गौ कृपा कथा में सोमवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान कथा वाचन करते हुए साध्वी निष्ठा गोपाल सरस्वती ने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर तीखा प्रहार किया और दहेज प्रथा को सामाजिक कलंक करार दिया। उन्होंने कहा कि दहेज जैसी कुप्रथा ने समाज की नींव को खोखला कर दिया है और इसे जड़ से समाप्त करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
साध्वी ने अपने प्रवचन में कहा कि विवाह एक पवित्र संस्कार है, जिसे लेन-देन और दिखावे का माध्यम बनाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। दहेज के कारण बेटियों को बोझ समझा जाने लगा है, जिससे समाज में असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि दहेज मुक्त विवाह को बढ़ावा दें और इस कुरीति के खिलाफ सामाजिक स्तर पर अभियान चलाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक समाज स्वयं इस बुराई के खिलाफ खड़ा नहीं होगा, तब तक इसका उन्मूलन संभव नहीं है।
कथा के दौरान साध्वी निष्ठा गोपाल सरस्वती ने गौ सेवा और संरक्षण के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता को माता का दर्जा दिया गया है और इसका संरक्षण हम सभी का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए कहा कि गौ रक्षा से ही समाज में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आती है।
उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में लोग अपनी संस्कृति और परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं, जो चिंताजनक है। ऐसे में धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। कथा के माध्यम से उन्होंने लोगों को न केवल धार्मिक ज्ञान दिया, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों का भी बोध कराया।
इस अवसर पर आयोजन समिति द्वारा भव्य व्यवस्था की गई थी। गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा। महिलाएं, पुरुष और युवा सभी श्रद्धा भाव से कथा का रसपान करते नजर आए।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने साध्वी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विचार समाज को नई दिशा देने वाले हैं। वहीं श्रद्धालुओं ने भी इस तरह के आयोजन को समाज के लिए उपयोगी बताया और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता जताई।





