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ब्रेकिंग : यहां जिम्मेदार ही बना लापरवाह, कहीं प्यासे लोग, कहीं बह रहा हजारों लीटर पानी

      प्रीतम सुमन APP न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट, बांका बिहार  

कहीं प्यासे लोग, कहीं बहता रहा हजारों लीटर पानी: अमरपुर में लापरवाही से खुली पेयजल व्यवस्था की पोल

सार्वजनिक पुस्तकालय परिसर हुआ जलमग्न, रातभर चालू रहे मोटर; पीएचईडी की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

अमरपुर नगर पंचायत की पेयजल व्यवस्था की बदहाली एक बार फिर उजागर हो गई है। एक ओर शहर के कई वार्डों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर विभागीय लापरवाही के कारण हजारों लीटर पानी यूं ही बहकर बर्बाद हो गया। ताजा मामला शहर के बीचों-बीच स्थित सार्वजनिक पुस्तकालय परिसर का है, जहां गुरुवार रात टंकी से पानी ओवरफ्लो होकर पूरी रात बहता रहा। इसके कारण पूरा पुस्तकालय परिसर जलमग्न हो गया और शुक्रवार सुबह विद्यालय पहुंचे छात्र-छात्राओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय लोगों के अनुसार, रातभर टंकी से लगातार पानी बहता रहा, लेकिन उसे रोकने की कोई व्यवस्था नहीं थी। सुबह जब पुस्तकालय परिसर में पानी फैला देखा गया तो लोगों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही विभाग सक्रिय हुआ और आनन-फानन में ऑपरेटर को भेजकर मोटर बंद कराया गया।

मौके पर पहुंचे ऑपरेटर संजीव कुमार ने बताया कि पीएचईडी विभाग द्वारा शहर में पेयजल आपूर्ति बहाल करने के उद्देश्य से कार्य कराया जा रहा है। संवेदक अमरेश कुमार के निर्देश पर गुरुवार रात टंकी में लगे दोनों मोटर चालू किए गए थे, जिन्हें शुक्रवार सुबह बंद करने का निर्देश था। लेकिन टंकी परिसर में नाइट गार्ड की व्यवस्था नहीं रहने के कारण मोटर पूरी रात चलते रहे और पानी लगातार ओवरफ्लो होकर बर्बाद होता रहा।

इधर, पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता सौरव कुमार ने स्वीकार किया कि कार्य संचालन के तहत मोटर चालू कराया गया था। उन्होंने कहा कि ओवरफ्लो के कारण कुछ पानी की बर्बादी हुई है। साथ ही ऑपरेटर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।

गौरतलब है कि करीब दो वर्ष पूर्व नगर पंचायत ने नगर के 14 वार्डों में पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए लगभग आठ करोड़ रुपये पीएचईडी विभाग को हस्तांतरित किए थे। विभाग ने जलमीनार निर्माण, पाइपलाइन बिछाने और घर-घर कनेक्शन देने का काम तो पूरा कर दिया, लेकिन आज भी कई वार्डों में पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से शुरू नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि कहीं जल है तो नल नहीं, और कहीं नल है तो जल नहीं।

ऐसे में अमरपुर नगरवासियों के बीच यह सवाल लगातार गूंज रहा है कि आखिर उन्हें नियमित और सुचारू पेयजल सुविधा कब मिलेगी। फिलहाल यह सवाल आम लोगों के लिए अब भी एक अबूझ पहेली बना हुआ है।



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