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भूमिहारानाथ मंदिर की अद्भुत आस्था: एक ही शिवलिंग में त्रिदेव का प्रतीक, महाशिवरात्रि पर उमड़ेंगे हजारों श्रद्धालु

सुबोध सिंह APP न्यूज़ क्राइम रिपोर्टर ,बांका बिहार

भूमिहारानाथ मंदिर की अद्भुत आस्था: एक ही शिवलिंग में त्रिदेव का प्रतीक, महाशिवरात्रि पर उमड़ेंगे हजारों श्रद्धालु

शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र के भूमिहारा गांव स्थित प्रसिद्ध भूमिहारानाथ मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं और अनोखी संरचना वाले शिवलिंग के कारण पूरे क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां स्थापित शिवलिंग को हजारों वर्ष प्राचीन बताया जाता है और इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें त्रिदेव — ब्रह्मा, विष्णु और महेश — का प्रतीकात्मक स्वरूप दिखाई देता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

स्थानीय मान्यता के अनुसार, भूमिहारानाथ मंदिर में स्थापित शिवलिंग तीन भागों में विभाजित प्रतीत होता है। शिवलिंग का ऊपरी भाग अंडाकार है, जिसे भगवान शिव का स्वरूप माना जाता है। मध्य भाग अष्टभुजा आकार का है, जो भगवान विष्णु का प्रतीक बताया जाता है, जबकि निचला भाग त्रिभुजाकार है, जिसे सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा का प्रतीक माना जाता है। ग्रामीणों का दावा है कि इस तरह की संरचना वाला शिवलिंग पूरे राज्य में अद्वितीय है और इसका स्वरूप दक्षिण भारत में पाए जाने वाले प्राचीन शिवलिंगों से मिलता-जुलता है।

शंभूगंज का सोमेश्वर नाथ महादेव मंदिर

मंदिर से जुड़े बुजुर्गों और श्रद्धालुओं का कहना है कि भूमिहारानाथ मंदिर में स्थापित शिवलिंग 1000 वर्ष से भी अधिक प्राचीन है। वर्षों से यहां महाशिवरात्रि के मौके पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होते रहे हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ शिवलिंग पर जलाभिषेक और पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि महाशिवरात्रि पर दूर-दराज के गांवों और जिलों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

महाशिवरात्रि को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मंदिर समिति और स्थानीय ग्रामीण मिलकर साफ-सफाई, सजावट और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था कर रहे हैं। पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और रात्रि जागरण जैसे धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। इसके साथ ही मंदिर परिसर में छोटे स्तर पर मेला जैसा माहौल भी देखने को मिलता है, जहां प्रसाद, पूजा सामग्री और अन्य धार्मिक वस्तुओं की दुकानें सजती हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि भूमिहारानाथ मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान भी बन चुका है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरे इलाके में भक्तिमय माहौल बन जाता है। प्रशासन से भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सहयोग की अपेक्षा की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और महाशिवरात्रि का पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।



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